
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कड़ा रुख अपनाया, तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों को नौसेना से तालमेल जरूरी
तेहरान / अंतरराष्ट्रीय स्तर, 13 मार्च 2026: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अहम बयान जारी किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ तालमेल बैठाना होगा। तेल और गैस ले जाने वाले जहाज भी तभी इस मार्ग से सुरक्षित गुजर पाएंगे।
ईरान के उप विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि जो देश ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल रहे हैं, उन्हें होर्मुज स्ट्रेट से आवागमन की सुविधा नहीं मिलेगी। साथ ही ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गया, जबकि WTI क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है। एलएनजी की कीमतों में भी उछाल दर्ज किया गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर तनाव बढ़ा तो कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है। विश्व तेल आपूर्ति का लगभग 20% इसी मार्ग से होता है। इस मार्ग पर तनाव का असर सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।


